ठाकुरदास बंग गाँधीजी ने स्वराज के वर्षो पूर्व 1909 में ही हिन्द स्वराज जैसी छोटी-सी किताब लिखकर अपनी कल्पना के स्वराज का चित्र खींचा था। स्वराज प्राप्ति के लिए उन्होंने नैतिक साध्नों का इस्तेमाल का व्यापक आंदोलन किया। लेकिन गाँधीजी के हत्या से यह संभव नहीं हो पाया। पाश्चात्य लोकतांत्रिक देशों में चुनाव के साथ-साथ [...]
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