प्राचीन भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप

स्वशासन के लिए बनी किसी भी संस्था की सफलता के लिए पहली शर्त तो यही है कि उसमें सत्ता सीधे लोगों के हाथ में होनी चाहिए न कि चुने हुए कुछ लोगों के हाथ में। सवाल यह उठता है कि क्या आम लोगों की सभा में फैसले लिए जा सकते है ? जी हां! बिल्कुल [...]

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