प्राचीन भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप


कपिलवस्तु

स्वशासन के लिए बनी किसी भी संस्था की सफलता के लिए पहली शर्त तो यही है कि उसमें सत्ता सीधे लोगों के हाथ में होनी चाहिए न कि चुने हुए कुछ लोगों के हाथ में।
सवाल यह उठता है कि क्या आम लोगों की सभा में फैसले लिए जा सकते है ? जी हां! बिल्कुल लिए जा सकते हैं। बशर्ते कि इस तरह की बैठकें कराने के लिए कानून ठीक तरह से बनाए जाएं। स्विटज़रलैंड, ब्राज़ील और अमेरिका में आज स्थानीय लोग अपनी स्थानीय स्तर की व्यवस्था इसी तरह चलाते हैं। यहां तक कि प्राचीन भारत में इसी तरह की व्यवस्था रहती थी। Continue reading